जिन मंदिर बना अति पावन, वामादेवी नंदन मन भावन

वासुपुज्य, महावीर आदि ब्रह्म महान, शीत पाषाण पद्मासन जान

त्रय छत्र कमलासन मन मोहे, वीतराग उत्तर दिश मुख जोहे

श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर जी 

का शिलान्यास 10 मई 1992 को सम्पन्न हुआ

पंचकल्याणक प्रतिष्ठा 13 से 17 फरवरी 1997

 पावन सानिध्य परम् पूज्य उपाध्याय मुनि श्री 108 आनन्द सागरजी महाराज (मौनप्रिय) के सानिध्य में संहितासूरी प्रतिश्ठाचार्य  पं. फतहसागर जी शास्त्री (उदयपुर) द्वारा ऐतिहासिक पंचकल्याणक प्रतिश्ठा महोत्सव श्री दिगम्बर जैन समाज (रजि.) पष्चिम विहार में सानंद सम्पन्न हुआ ।

 

 पश्चिम विहार दिल्ली शहर में सबसे लोकप्रिय और अच्छी तरह से स्थापित इलाकों में से एक है। इस क्षेत्र में अपने निवासियों और आगंतुकों के लिए बहुत कुछ है। पश्चिम विहार दिल्ली के उन हिस्सों से जुड़ा है जो सबसे अधिक देखे जाते हैं। यह एक बहुत ही विश्वसनीय आवासीय इलाका है पश्चिम विहार में कोई भी अपना आदर्श स्थान पा सकता है, चाहे वे अपने परिवार के साथ रहें या नहीं। कई स्कूलों और विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के अलावा, इस क्षेत्र में खेल सुविधाएं भी हैं। यह क्षेत्र बच्चों के साथ रहने के लिए एक आदर्श स्थान साबित हुआ है। प्रत्येक समाज में समर्पित पार्क भी हैं। 

 इसी श्रंखला में बसा है श्री पर्ष्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर जो की अत्यंत सुंदर एवं चमत्कारी मंदिर माना जाता है। यह मंदिर पांच बालयति मंदिर है। इस मंदिर की मूलनायक प्रतिमा 1008 श्री पार्श्वनाथ भगवान की है।

 मंदिर में बहुत ही भव्य पद्मावती माता की  प्रतिमा भी विराजमान है। मंदिर में सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध है। यहां पर मुनि महाराज एवं साधु-संतों की ठहरने की एवं कुँए के पानी की व्यवस्था भी है।

 
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